भारतीय सेना में महिलायेंकविता शायरी हिन्दी लेख 

नारी है तू

क्यों संकोच है, क्या सोचे है तू।
नव भारत की, नारी है तू।।

क्यों क़ैद है, ज़ंजीर में तू।
आज़ाद है भारत, क्या भूल गयी तू।।

कहता है कौन, कमज़ोर है तू।
ममता का रूप, हर ओर है तू।।

हर रूप में है, अपसरा तू।
हे अन्नपूर्णा, परिपूर्णं तू।।

है शक्ति तू, बलिदान तू।
ज्वाला भी तू, वरदान तू।।

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